Scienceहानिकारक प्रोटोजोआ harmful protozoa in hindi

हानिकारक प्रोटोजोआ harmful protozoa in hindi

हानिकारक प्रोटोजोआ harmful protozoa in hindi

प्रोटोजोआ संघ के सभी वर्गों में रोग उत्पन्न करने वाले प्राणी पाये जाते हैं, किन्तु फ्लैजिलेटा तथा स्पोरोजोआ वर्गों में इनकी प्रमुखता होती है। मनुष्य में ही लगभग 25 से अधिक प्रोटोजोआ परजीवी पाये जाते हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के अमीबा, कशांभी, पक्ष्माभी तथा स्पोरोजोआ प्राणी शामिल हैं। इनमें से कुछ तो बिल्कुल ही हानिकारक नहीं होते जबकि अन्य कुछ कई प्रकार के घातक रोगों के लिए उत्तरदायी होते हैं। कुछ प्रोटोजोआ मनुष्य के अतिरिक्त अन्य प्राणियों में भी परजीवी अवस्था में रहते हुए रोग उत्पन्न कर सकते हैं। चूंकि रोग उत्पन्न करने वाले प्राणी सामान्यतः परजीवी होते हैं।

I. आहारनाल प्रोटोजोआ परजीवी alimentary protozoan parasite

(i) एण्टअमीबा हिस्टोलाइटिका entamoeba histolytica- यह मनुष्य की बड़ी आंत में रहता है तथा पेचिश उत्पन्न करता है।

(ii) ट्रोकोमोनास होमाइनिस- यह पेचिश तथा अतिसार उत्पन्न करता है।

(iii) बेलेण्टीडियम कोलाई- यह मनुष्य की आंत में पाया जाने वाला परजीवी है, जो अजीर्ण या बेलेन्टिडियोसिस नामक रोग उत्पन्न करता है।

II. मूत्र-जननवाहिनी के परजीवी urogenital parasites

(i) ट्रोइकोमोनास वेजाइनेलिस यह मादा जनन मूत्र तंत्रों में पाया जाता है, जिसके फलस्वरूप खुजली आदि उत्पन्न होती है।

(ii) आइमिरिया ट्रंकेटा- यह हंस के वृक्कों को संक्रमित करता है और बहुधा पोषक की मृत्यु हो जाती है।

III. मुख के परजीवी oral parasites

(i) एण्टअमीबा जिंजीवालिस- यह पाइरिया रोग उत्पन्न करता है।

(ii) लीशमानिया बेसिलाइन्सिस- यह एस्पुडिया (espundia) नामक रोग उत्पन्न करता है

IV. रक्त एवं लसीका के परजीवी blood and lymph parasites

(i) ट्राइपेनोसोमा- यह मनुष्य में निद्रालु रोग (Sleeping sickness) उत्पन्न करती है।

(ii) प्लैज्मोडिग्रम- मनुष्यों में प्लैज्मोडियम वाइवेक्स द्वारा मलेरिया रोग उत्पन्न होता है। इसका प्रसारण मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा होता है।

(iii) लीशमानिया- लीशमानिया डोनोवली में काला अजर रोग उत्पन्न होता है, जबकि लीशमैनिया ने ट्रेपिका द्वारा ओरिएंटल सोर नामक बीमारी का कारण बना करता है।

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