Educationलोकसभा के बारे में पूरी जानकारी 2021 | लोकसभा

लोकसभा के बारे में पूरी जानकारी 2021 | लोकसभा

लोकसभा संसद का प्रथम सदन , निम्न सदन , अस्थायी सदन , लोगों का सदन एवं सर्वाधिक लोकप्रिय सदन है । संसद को महात्मा गांधी ने ‘ बांझ स्त्री एवं बातूनी लोगों की दुकान ‘ की संज्ञा दी ।

लोक सभा सदस्य संख्या 

प्रथम लोकसभा का गठन 17 अप्रैल , 1952 में हुआ था । इसमें अधिकतम 552 सदस्य हो सकते हैं । वर्तमान में इसमें 545 सदस्य ( 543 निर्वाचित +2 मनोनीत ) हैं । अनु .81 के अनुसार , इसमें सन् 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हो सकता है ।

लोकसभा में राज्यों से 530 सदस्य निर्वाचित होते हैं तथा केन्द्र शासित प्रदेशों से अधिकतम 20 लेकिन वर्तमान में 13 सदस्य निर्वाचित होकर आते हैं । राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा में 2 ‘ एंग्लोइंण्डियन ‘ सदस्य मनोनीत किए जाते हैं ।

लोकसभा का प्रतिनिधित्व

लोकसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व सर्वाधिक उत्तर प्रदेश ( 80 सदस्य ) से है , न्यूनतम नागालैण्ड , सिक्किम और मिजोरम से ( 1 1 सदस्य ) , केन्द्रशासित प्रदेशों में सर्वाधिक दिल्ली से ( 7 सदस्य ) , अन्य सभी केन्द्र शासित प्रदेशों से ( 1-1 सदस्य ) तथा राजस्थान से 25 सदस्य निर्वाचित होते हैं ।

लोकसभा में निर्वाचित सदस्यों का विवरण राज्य / केंद्र शासित प्रदेश
राज्य सदस्य संख्या
उत्तर प्रदेश 80
महाराष्ट्र 48
पश्चिम बंगाल 42
बिहार 40
तमिल नाडु 39
मध्य प्रदेश 29
कर्नाटक 28
गुजरात 26
राजस्थान 25
सीमांध्र 25
उड़ीसा 21
केरल 20
तेलंगाना 17
झारखंड 14
असम 14
पंजाब 13
छत्तीसगढ़ 11
हरियाणा 10
जम्मू कश्मीर
उत्तराखंड 5
हिमाचल प्रदेश 4
दिल्ली 7
गोवा 2
मेघालय 2
त्रिपुरा 2
मणिपुर 2
अरुणाचल प्रदेश 2
सिक्किम 1
दादर एवं नगर हवेली 1
मिजोरम 1
चंडीगढ़ 1
पुडुचेरी 1
अंडमान निकोबार 1
लक्षदीप 1
दमन व दीव 1
नागालैंड 1

 

लोकसभा सदस्यों की योग्यताएँ [ अनु . 84 के अनुसार ]

( i ) भारत का नागरिक हो ।

( ii ) न्यूनतम 25 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो ।

( iii ) लाभ के पद पर कार्यरत न हो ।

( iv ) न्यायालय द्वारा पागल / दिवालिया घोषित न हो ।

( iv ) मतदाता सूची में नाम हो ।

लोकसभा का  कार्यकाल एवं निर्वाचन

लोकसभा का कार्यकाल सामान्यतः प्रथम बैठक की तिथि से 5 वर्ष लेकिन राष्ट्रपति द्वारा इसे समय से पूर्व भंग किया जा सकता है और समय से पूर्व भंग होने पर 6 माह में चुनाव कराना अनिवार्य है ।

लोकसभा के सदस्यों का निर्वाचन वयस्क ( 18 वर्ष ) जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से वयस्क मताधिकार के आधार पर गुप्त मतदान विधि से किया जाता है ।

लोकसभा के चुनावों में चुनाव लड़ने के लिए अनुसूचित जाति / जनजाति के लिए जमानत राशि 5000 व अन्य के लिए 10,000 रु . होती है ।

शपथ

अनु . 99 के अनुसार लोकसभा के सदस्यों को शपथ भारत का राष्ट्रपति या राष्ट्रपतिद्वारा इस प्रयोजन हेतु नियुक्त व्यक्ति दिलवाता है ।

पदमुक्ति

लोकसभा सदस्य प्रधानमंत्री की सलाह के पश्चात् लोकसभा भंग होने पर पदमुक्त हो जाते हैं या कोई भी लोकसभा सदस्य लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा देकर पदमुक्त हो सकता है या एक सदस्य दोनों सदनों के लिए चुन लिया जाये तो उसे एक सदन की सदस्यता त्यागनी होती है या 60 दिन की अवधि तक अधिवेशनों की किसी भी कार्यवाही से बिना सूचना के अनुपस्थिति होने पर सदस्यता से बर्खास्त किया जा सकता है ।

अनु . 102 के तहत् लाभ के पद पर कार्यरत होने के कारण अयोग्य घोषित किया जा सकता है । लोकसभा का अधिवेशन वर्ष में 2 बार लेकिन दोनों के मध्य 6 माह का अन्तर नहीं होना चाहिए । लोकसभा का कोरम / गणपूर्ति के लिए कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग अर्थात् 55 सदस्य होना अनिवार्य होता है ।

पदाधिकारी

अनु . 93 के अनुसार , लोकसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष इसके मुख्य पदाधिकारी होते हैं जिनका निर्वाचन लोकसभा के सदस्य अपने में से बहुमत के आधार पर करते हैं , जिनका कार्यकाल पद ग्रहण तिथि से आगामी लोकसभा की पहली बैठक के पूर्व दिन तक होता है । इनमें शपथ का प्रावधान नहीं है अत : ये अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण नहीं करते , ये केवल संसद सदस्यों के रूप में शपथ ग्रहण करते हैं ।

प्रोटेम स्पीकर

प्रत्येक नवीन लोकसभा के चुनाव के पश्चात् राष्ट्रपति लोकसभा के किसी वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर ( फ्रांसीसी परम्परा के अनुसार ) या अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त करता है । अस्थाई अध्यक्ष सदन के सदस्यों द्वारा शपथ लेने तथा अध्यक्ष के चुनाव करने तक सदन की अध्यक्षता करता है तथा बाद में यह पद स्वतः ही खत्म हो जाता है । लेम डक – लेम डक उन सदस्यों को कहा जाता है जो नवीन सदन में पुनः निर्वाचित नहीं हो सकते । नई लोकसभा के गठन से पूर्व पुरानी लोकसभा का सत्र आहूत किया जाता है और वह सत्र ( Leme duck ) लेम डक सत्र के नाम से जाना जाता है ।

लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा का प्रमुख पीठासीन अधिकारी लोकसभा अध्यक्ष ही होता है , जिसका लोकसभा का सदस्य होना अनिवार्य है । अनु . 93 के अनुसार लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा के सदस्यों द्वारा अपने में से बहुमत के आधार पर किया जाता है , जिसका वेतन ( 4 लाख ) उपराष्ट्रपति के बराबर होता है ।

लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष होता है , लेकिन इसे लोकसभा में अपना विश्वास बनाये रखना होता है , अविश्वास की स्थिति में अपने पद से त्याग – पत्र देना होता है। अनु . 93 के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एक – दूसरे को अपना त्यागपत्र सौंपते हैं । इन्हें 14 दिन पूर्व सूचना देकर तत्कालीन लोकसभा के सदस्य अपने बहुमत से पारित अविश्वास प्रस्ताव द्वारा कभी भी हटा सकते हैं ।

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव केवल पाँच परिस्थितियों में लाया जा सकता है

  • यदि राष्ट्रपति उद्घाटन भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास ना करे ।
  • धन विधेयक को अस्वीकृत कर दिया गया हो ।
  • निन्दा या स्थगन प्रस्ताव पास करके ।
  • कटौती प्रस्ताव पास करके ।
  • आवश्यक मुद्दों पर सरकार को हटाने पर ।

लोकसभा अध्यक्ष के कार्य

अनु . 118 के अनुसार , संसद के संयुक्त अधिवेशनों की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है ।

  • कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करता है ( अनु . 110 ) ।
  • दल – बदल से सम्बन्धित विवाद को सुलझाता है ( 10 वीं अनुसूची ) ।
  • लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करता है तथा कार्यवाही की व्यूह रचना बनाता है ।
  • संसद की स्थाई समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति करता है ।
  • अनु . 100 ( i ) के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष को निर्णायक मत देने का अधिकार है ।
  • मंत्रियों तथा लोकसभा सदस्यों के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है ।
  • लोकसभा में विपक्ष के दल के किसी नेता को विपक्ष के रूप में मान्यता लोकसभा अध्यक्ष ही देता है ।
  • विदेशों में जाने वाले संसदीय प्रतिनिधि मण्डल का चयन लोकसभा अध्यक्ष करता है ।
  • लोकसभा के महासचिव का चयन लोकसभा अध्यक्ष करता है जिसका कार्यकाल 60 वर्ष की आयु तक होता है । ( अनिश्चित )

लोकसभा की विशेष शक्तियाँ

  • धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तावित किया जा सकता है ( अनु . 109 ) , जिसका निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करता है ।
  • अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में रखा जाता है व लोकसभा ही पारित करती है ।
  • केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है ।
  • धन विधेयक प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है । धन विधेयक के लिए लोकसभा को सम्पूर्ण शक्ति प्राप्त है । राज्यसभा इस विधेयक को केवल 14 दिनों तक ही रोक सकती है । इसके बाद वह विधेयक उसी रूप में पारित मान लिया जायेगा , जिस रूप में लोकसभा ने पारित किया था ।

राज्यसभा व लोकसभा के समान अधिकार

( i ) राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के सम्बन्ध में

( ii ) राष्ट्रपति व न्यायाधीशों आदि पर महाभियोग के सम्बन्ध में

( ii ) संसद की संयुक्त बैठक के सम्बन्ध में

( iv ) संविधान संशोधन के विषय पर किसी विभाग से प्रतिवेदन प्राप्त करने के सम्बन्ध में

( v ) अपमान के लिए दण्डित करने के सम्बन्ध में ।

लोकसभा का महासचिव

यह दलगत राजनीति से अलग होता है , जिसकी नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष करता है जो 60 वर्ष तक अपने पद पर होता ( अनिश्चित ) है । महासचिव राष्ट्रपति की ओर से सदन के अधिवेशन में उपस्थित होने के लिए सदस्यों को आमंत्रित करता है । जब भी राष्ट्रीय मण्डल अध्यक्षों का देश में सम्मेलन होता है तो लोकसभा का महासचिव उस सभा का पदेन महासचिव होता है ।

लोक सभा के महत्वपूर्ण तथ्य 

  • लोकसभा के अध्यक्ष पद पर रहते हुए गणेश वासुदेव मावलंकर एवं जी.एम.सी. बालयोगी मृत्यु को प्राप्त हुये ।
  • पहली रेल दुर्घटना लाल बहादुर शास्त्री के शासन में हुई तथा देश के प्रथम रेल मंत्री जॉन मथाई थे , तो स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ . भीमराव अम्बेड़कर थे ।
  • भारतीय संविधान में जेपीसी से तात्पर्य ज्वॉइन्ट पॉर्लियामेंट्री कमेटी है ।
  • आजादी के बाद कांग्रेस का पहली बार विभाजन 1969 में हुआ , तो 11 वीं लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ ।
  • एक निश्चित क्षेत्र जहाँ रहने वाले सभी मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं , निर्वाचन क्षेत्र कहलाता है ।
  • राज्यसभा में प्रथम फिल्म अभिनेता ‘ पृथ्वीराज कपूर ‘ थे , तो राज्यसभा की प्रथम महिला महासचिव बी.एस. रमा देवी ‘ थीं ।
  • आपातकाल खत्म होने के बाद 1977 में छठे आम चुनाव में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार आयी जिसके प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई थे , तो भारत में पहली बार गैर – कांग्रेसी सरकार भारत के केरल राज्य में 1957 में साम्यवादी दल की सरकार आयी ।
  • निर्वाचन क्षेत्र के चौथे परिसीमन के बाद कराये गये चुनाव में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़कर 84 व 47 हो गयी , तो अनारक्षित सीटों की संख्या घटकर 410 रह गयी हैं ।
  • केन्द्रीय विधानपरिषद् का प्रथम अध्यक्ष फैड्ररिक ह्वाइट तथा प्रथम भारतीय लोकसभा अध्यक्ष में विट्ठल भाई पटेल तथा स्वतन्त्रता के बाद लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष गणेश वासुदेव मावलंकर थे , तो प्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार [ जो सासाराम ( बिहार ) से सांसद ] है ।
  • प्रथम लोकसभा उपाध्यक्ष अनंतशयनम थे ।
  • लोकसभा में प्रथम विपक्ष का नेता वाई.वी. चह्वाण था ।
  • 12 वीं लोकसभा अब तक की अल्पअवधि वाली लोकसभा रही जो एक वर्ष 35 दिन तक कार्यरत रही , तो इंदिरा गांधी के शासन में सबसे ज्यादा अवधि तक 5 वीं लोकसभा जिसका कार्यकाल पाँच वर्ष छ : माह रहा ।
  • भारत के मात्र दो लोकसभा अध्यक्ष जिन्होंने अपने पद पर रहते हुए त्यागपत्र दिया- ( i ) संजीव रेड्डी ( चौथी लोकसभा व छठी लोकसभा ) , ( ii ) गुरु दयाल सिंह ढिल्लो ( पाँचवीं लोकसभा ) ।
  • चुनावों में आदर्श आचार संहिता चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की तिथि से प्रभावी होती है ।
  • मीरा कुमार 15 वीं लोकसभा की अध्यक्ष थी , जिन्हें प्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त है ।
  • द्वितीय लोकसभा में सर्वाधिक निर्विरोध सांसद 12 थे ।
  • 17 वीं लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला हैं ( कोटा – बूंदी से सांसद ) तथा उपाध्यक्ष रमा देवी ( शिवहर , बिहार से सांसद ) है ।

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