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राजस्थान की जलवायु | राजस्थान की जलवायु का वर्गीकरण Climate of Rajasthan 2022

राजस्थान की जलवायु की विशेषता Characteristics of the climate of Rajasthan

  • राजस्थान में वर्षा पूर्व से पश्चिम की ओर क्रमश कम होती जाती है वर्षा का वितरण राजस्थान में एक समान सा नहीं होता है।
  • राजस्थान के अधिकतर क्षेत्र में कम वर्षा होती है और कुछ क्षेत्र में अतिवृष्टि भी होती है कभी-कभी रेगिस्तान Desert में ही बाढ़ की स्थिति बन जाती है।
  • राजस्थान में अधिकतर वर्षा वर्षा काल में ही होती है शीतकाल में अपर्याप्त वर्षा होती है
  • रेगिस्तान में ग्रीष्म ऋतु में लू (शुष्क तेज हवाएं)चलती है
  • राजस्थान में गर्मी के दिनों में कुछ तापमान और शरद ऋतु में सामान्य तापमान होता है
  • राजस्थान में तापमान एवं वर्षा की स्थिति के अनुसार अलग-अलग जलवायु प्रदेश दिखाई देता है।
  • राजस्थान में वर्षा की मात्रा व समय अनिश्चित है

 

जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक Characteristics of the climate of Rajasthan

राजस्थान की स्थिति एवं अक्षांशीय विस्तार

राजस्थान की स्थिति 23°3′ से 30°12′ उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है अक्षांशीय स्थिति उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों tropical regions में तापमान और वायु की दिशा का निर्धारण करती है।

राजस्थान में इसी स्थिति के कारण ग्रीष्म काल में गर्मी अधिक और शीतकाल में सामान्य तापमान होता है.

अरावली पर्वत की स्थिति

अरावली पर्वत राजस्थान में दक्षिण पश्चिम से उत्तर पूर्व में स्थित है इसी कारण अरब सागर से आने वाला मानसून अरावली के समानांतर गुजर जाता है इस कारण अरब सागरीय मानसून राजस्थान में पर्याप्त वर्षा नहीं कर पाता है।

दूसरा बंगाल की खाड़ी का मानसून राजस्थान में अरावली तक पहुंचते-पहुंचते अपनी नमी खो देता है

समुद्र से दूरी

समुद्र से राजस्थान की दूरी अधिक होने के कारण यहां की जलवायु पर समुद्र का प्रभाव न्यूनतम होता है

धरातल

राजस्थान का अधिकांश भाग 370 मीटर से भी कम ऊंचे हैं केवल पहाड़ी एवं पठारी क्षेत्र को छोड़कर

जलवायु के आधार पर राजस्थान में वर्षा की ऋतुएं Rainy seasons in Rajasthan based on climate

राजस्थान की ऋतु ओं को चार ऋतु में बांटा गया है

शीत ऋतु 15 दिसंबर से 15 मार्च

  • शीत ऋतु के समय पूरे भारत में तापमान सबसे कम होता है क्योंकि इस समय सूर्य दक्षिणायन होता है।
  • शीत ऋतु के समय उत्तर पश्चिम भारत में उच्च दाब होता है इस कारण पवने यह से निम्न दाब की ओर चलने लग जाती है।
  • राजस्थान में शीतकालीन वर्षा होती है जिसे हम मावट कहते हैं इसी मावठ होने से राजस्थान में रबी की फसल को काफी फायदा होता है।

ग्रीष्म ऋतु 15 मार्च से 15 जून

  • ग्रीष्म ऋतु के समय सूर्य उत्तरायण होता है इस कारण पूरे भारत में तापमान बढ़ जाता है
  • इसी कारण पश्चिम से हवाई चलती है इस समय राजस्थान के अनेक जिलों का तापमान 40 डिग्री के पार हो जाता है और कहीं जगहों पर तो गर्म लू चलती है
  • राजस्थान के रेगिस्तान में तो इस समय का तापमान 48 डिग्री तक पहुंच जाता है।

वर्षा ऋतु 15 जून से 15 सितंबर

  • इस समय राजस्थान में वर्षा ऋतु की 90% वर्षा प्राप्त हो जाती है
  • राजस्थान में सबसे पहले मानसून बांसवाड़ा में प्रवेश करता है
  • अरब सागर में मानसून की दिशा अरावली के समांतर होने के कारण राजस्थान में कम वर्षा होती है।
  • राजस्थान में वार्षिक वर्षा का औसत 57.51 सेंटीमीटर है
  • बंगाल की खाड़ी से आने वाला मानसून राजस्थान में आते आते अपनी नमी खो देता है

शरद ऋतु 15 सितंबर से 15 दिसंबर

  • शरद ऋतु को लटते हुए मानसून के नाम से भी जाना जाता है।
  • इस समय रात में कम तापमान और दिन में अधिक तापमान होता है।

तापमान और वर्षा के आधार पर जलवायु का वर्गीकरण Classification of climates on the basis of temperature and rainfall

तापमान और वर्षा के आधार पर राजस्थान की जलवायु को 5 भागों में बांटा गया है

  1. शुष्क जलवायु प्रदेश
  2. अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश
  3. उप आर्द्र जलवायु प्रदेश
  4. आर्द्र जलवायु प्रदेश
  5. अति आर्द्र जलवायु प्रदेश

1.शुष्क जलवायु प्रदेश dry climate zone

  • यहां की जलवायु अत्यधिक शुष्क और कठोर होती है
  • यह वर्षा बहुत कम होती है
  • इस प्रदेश में शुष्क उष्ण मरुस्थलीय जलवायु होती है
  • इस प्रकार की जलवायु गंगानगर बीकानेर जोधपुर बाड़मेर जैसलमेर जिले में होती है

2.अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश semi-arid climate zone

  • इस प्रदेश में 20 से 40 सेंटीमीटर वर्षा होती है
  • इस प्रदेश में स्टेपी प्रकार की वनस्पति पाई जाती है
  • यह प्रदेश गंगानगर बीकानेर जोधपुर बाड़मेर जिले का पूर्वी भाग, हनुमानगढ़ चूरू झुंझुनू सीकर नागौर पाली और जालौर जिले के पश्चिमी भाग में फैला हुआ है।

3.उपआर्द्र जलवायु प्रदेश sub-humid climate zone

  • इस प्रदेश में जयपुर अजमेर झुंझुनू सीकर पाली व जालौर जिले के पूर्व भाग टोंक भीलवाड़ा सिरोही के उत्तरी पश्चिमी भाग आते हैं।
  • वर्षा 40 से 60 सेंटीमीटर होती है।
  • इस प्रदेश में स्टेपी वनस्पति पाई जाती है

4.आर्द्र जलवायु प्रदेश humid climate zone

  • इस प्रदेश में पतझड़ वाले वृक्ष पाए जाते हैं इस प्रदेश में भरतपुर धौलपुर सवाई माधोपुर करौली बूंदी कोटा का उत्तर पश्चिम क्षेत्र राजसमंद उदयपुर का उत्तर पूर्वी क्षेत्र दक्षिणी पूर्वी टोंक चित्तौड़गढ़ के क्षेत्र आते हैं
  • यहां पर वर्षा 40 से 80 सेंटीमीटर होती है।

5.अति आर्द्र जलवायु प्रदेश very humid climate zone

  • इस प्रदेश में दक्षिणी पूर्वी कोटा झालावाड़ बारां बांसवाड़ा उदयपुर का कुछ भाग माउंट आबू आता है
  • यहां पर वर्षा 80 से 150 सेंटीमीटर होती है। यहां पर वनस्पति मानसूनी सवाना प्रकार की होती है।

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