informationमौर्य वंश का इतिहास History of Maurya Dynasty in Hindi

मौर्य वंश का इतिहास History of Maurya Dynasty in Hindi

मौर्य वंश की स्थापना Establishment of Maurya Dynasty

मौर्य वंश की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य और इनके गुरु चाणक्य ने की मौर्य वंश को प्राचीन भारत का शक्तिशाली राजवंश माना जाता है। चंद्रगुप्त मौर्य ने नंद वंश के शासक धनानंद को अपने गुरु चाणक्य की सहायता से युद्ध में पराजित करके मौर्य वंश की थी,

मौर्य वंश का इतिहास History of Maurya Dynasty

मौर्य वंश का साम्राज्य पूर्व में मगध राज्य के गंगा नदी के मैदानों से शुरू हुआ था जिसने बाद में 316 ईसवी पूर्व तक पूरे उत्तरी पश्चिमी भारत पर अधिकार कर लिया था, बाद में चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने मौर्य साम्राज्य का वृहद स्तर पर विस्तार किया।

मौर्य वंश शासकों के नाम

चंद्रगुप्त मौर्य का इतिहास

चंद्रगुप्त मौर्य ने 322 ईसा पूर्व में चाणक्य की सहायता से नंद वंश के शासक धनानंद को पराजित करके मौर्य वंश की नींव रखी

नाम-चंद्रगुप्त मौर्य
जन्म- 1560 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र (बिहार)
पिता-सर्वार्थसिध्द
माता-मुरा
गुरु-चाणक्य (अन्य नाम कौटिल्य और विष्णुगुप्त)
पत्नी-दुर्धरा और हेलेना (हेलेना सेल्यूकस की पुत्री थी)

  • चंद्रगुप्त मौर्य के पिता मोरिय नगर प्रमुख थे जब चंद्रगुप्त अपनी मां के पेट में थे तभी ही धनानंद ने उनके पिता की हत्या कर दी थी।
  • चाणक्य ने चंद्रगुप्त को विद्या मैं निपुण बनाया।
  • जिस समय चंद्रगुप्त राजा बना था तब भारत की स्थिति बहुत खराब थी।
  • चंद्रगुप्त मौर्य ने 326 ईसा पूर्व तक संपूर्ण सिंध और पंजाब प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था।
  • चंद्रगुप्त मौर्य ने यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर को पराजित पर एक विशाल भारतीय साम्राज्य की स्थापना की।

बिंदुसार का इतिहास 

  • बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य के पुत्र व उत्तराधिकारी थे इनके मद्रसार और सिंहसेन अन्य नाम है।
  • थेरवाद परंपरा के अनुसार बिंदुसार ब्राह्मण धर्म का अनुयायी था, इनकी माता का नाम दुर्धरा था
  • सीरिया के राजा एंतियोकस ने अपने राजदूत डायमाइकस को बिंदुसार के दरबार में भेजा था
  • शिंघली अनुश्रुतियो के अनुसार इनकी 16 पत्नियां , 101 संताने थी

सम्राट अशोक का इतिहास

  • अशोक 273 ईसा पूर्व में सिंहासन पर बैठा , अशोक अपनी आंतरिक स्थिति को मजबूत करने में 4 साल लगे
  • दीवानाप्रिया, राजा और दीवानांपियदस्सी सम्राट अशोक की उपाधियां दी
  • पुराणों में इनको अशोक वर्धन कहा गया है
  • सिंघली अनुश्रुति के अनुसार अशोक ने अपने 99 भाइयों की हत्या की थी लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं है
  • सम्राट अशोक ने कलिंग की लड़ाई के बाद बौद्ध धर्म को अपना लिया था

other link

Latest article

More article