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प्रशासनिक संस्कृति क्या है what is administrative culture in hindi

प्रशासनिक संस्कृति से तात्पर्य what is administrative culture

प्रशासनिक संस्कृति से तात्पर्य किसी भी प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में संलग्न लोगों की अभिवृत्तियों, अभिरुचियों, मूल्यों, व्यवहारों, दृष्टिकोणों आदि से है।

प्रशासनिक संस्कृति उन अभिवृत्तियों, भावनाओं, मान्यताओं, विश्वासों और समाज के मूल्यों से मिलकर बनती है, जिनका सम्बन्ध प्रशासनिक व्यवस्था तथा प्रशासन से सम्बन्धित मुद्दों से होता है। उक्त प्रशासनिक संस्कृति में अभिव्यक्ति के प्रतीकों, अनुभवजन्य विश्वासों तथा मूल्यों को व्यवस्था भी निहित है, जो उस दशा अथवा परिस्थिति को पहचान देकर परिभाषित करती है जिसमें प्रशासनिक क्रियाएं सम्पन्नता को प्राप्त होती है। प्रशासनिक संस्कृति को अनेक लोकविज्ञानी विद्वानों ने भिन्न-भिन्न दृष्टिकोणों से परिभाषित किया।

प्रशासनिक संस्कृति अपेक्षाकृत एक नूतन अवधारणा के रूप में सामने आई है। इस अवधारणा के द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक संस्थानों की संरचना एवं कार्य-प्रणाली का अध्ययन सम्भव हो सके। इस अध्ययन से प्रशासनिक क्षेत्र में एक क्रांति का सूत्रपात हुआ है। अनेक प्रशासनिक विचारकों ने प्रशासनिक संस्कृति के तुलनात्मक अध्ययन पर भी पर्याप्त बल दिया है।

प्रशासनिक संस्कृति के निर्धारक (निर्वाचन) तत्त्व Determinant (Electoral) Elements of Administrative Culture

संस्कृति, मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं में से किसी भी पहलू की संस्कृति क्यों न हो, संस्कृति के निर्माण के अनेक आधारभूत तत्त्व होते हैं, जिनसे मिलकर उसका निर्माण होता है, उसी प्रकार प्रशासनिक संस्कृति के भी अनेक निर्माणक तत्त्व हैं, जो निम्न प्रकार हैं

1. अतीत के तत्त्व (ऐतिहासिक आधारक तत्त्व) Elements of the Past (Historical Basis Elements)

किसी भी संस्कृति का आधार, उसका अतीत एवं उससे जुड़ी घटनाएँ होती हैं। उसी प्रकार प्रशासनिक संस्कृति का प्रथम एवं आधारभूत तत्त्व निर्धारक तत्त्व है, उसका अतीत या ऐतिहासिक आधार। कोई भी प्रशासनिक संस्था अतीत से पूर्णतया न तो मुक्त हो सकती है और न ही वह अतीत से नाता तोड़ सकती है। जैसे, भारत की संस्कृति पर उसके अतीत की गौरवशाली परम्पराओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

2. परिवार एवं समाज की सामान्य संस्कृति General Culture of the Family and Society

किसी भी प्रशासनिक संस्कृति पर उसके आस-पास के परिवार एवं समाज की सामान्य संस्कृति का व्यापक प्रभाव स्पष्टतया देखा जा सकता है। जैसे, भारत में प्रशासनिक संस्कृति सभी राज्यों में एक समान नहीं पाई जाती । राजस्थान की प्रशासनिक संस्कृति बिहार एवं मुम्बई की प्रशासनिक संस्कृति से पर्याप्त रूप से भिन्न है।

दक्षिण का समाज एवं उत्तर-पश्चिम का समाज सामान्य रूप से पर्याप्त भिन्नता लिए हुए है। समाज के सामान्य मुल्य, विश्वास, मान्यताएँ, आस्थाएँ, प्रशासनिक मूल्यों, विश्वासों आदि को प्रभावित करते हैं। अतः परिवार एवं समाज की सामान्य संस्कृति प्रशासनिक संस्कृति के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।

3. राजनीतिक व्यवस्था एवं राजनीतिक संस्कृति Political System and Political Culture

प्रशासनिक संस्कृति के स्वरूप को निर्धारित करने में उस देश में प्रचलित राजनीतिक व्यवस्था एवं राजनीतिक संस्कृति भी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती है। राजनीतिक वातावरण, राजनीतिज्ञों का व्यवहार राजनीतिक संस्थाएँ एवं व्यवस्थाएँ तथा इनका आमजन के साथ सम्बन्ध प्रशासनिक संस्कृतिः को निर्धारित करते हैं।

4. आर्थिक संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था economic culture and economy

किसी भी प्रशासनिक संस्कृति को प्रभावित करने में आर्थिक संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था भी महत्त्वपूर्ण है। यदि कोई समाज औद्योगिक प्रधान है अथवा कृषि प्रधान, समाज पिछड़ा है या प्रगतिशील, आर्थिक संस्कृति ग्रामीण प्रधान है या शहरी प्रधान, अर्थव्यवस्था तकनीक सम्पन्न है या तकनीको तौर पर पिछड़ा। इन तथ्यों के आधार पर भी देश की या राष्ट्र की प्रशासनिक संस्कृति का निर्माण होता है।

5. राजनीतिक विचारधारा political ideology

देश में अपनाई गई राजनीतिक विचारधारा का देश की प्रशासनिक संस्कृति पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। देश में साम्यवाद है या पूँजीवाद अथवा समाजवाद, इन विचारधाराओं के आधार पर भी देश की प्रशासनिक संस्कृति का ताना-बाना बनता है। यही कारण है कि चीन की या अमरीका की प्रशासनिक संस्कृति भारत से मौलिक रूप से भिन्नता लिए हुए हैं। वर्तमान में उदारीकरण तथा भूमण्डलीकरण के प्रभाव भी नौकरशाही पर पर्याप्त रूप से देखे जा सकते हैं। इस प्रकार राजनीतिक विचारधारा भी नौकरशाही की संस्कृति के निर्माण में अहम मानी जाती है।

6. अन्य निर्माणक तत्त्व

उपर्युक्त लिखित तत्त्वों के अलावा अन्य अनेक तत्त्व और भी हैं जो प्रशासनिक संस्कृति को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। जैसे- धार्मिक रीति-रिवाज, मान्यताएँ, सांस्कृतिक विरासत, स्वयं प्रशासनिक लोगों के परिवार एवं उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, जनसंख्या, देश का भूगोल आदि। उक्त सभी तत्त्व नौकरशाही को (प्रशासनिक) संस्कृति के निर्माणक तत्त्व माने जाते हैं।

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