Question answerजैसलमेर दुर्ग के प्रमुख ढाई साके

जैसलमेर दुर्ग के प्रमुख ढाई साके

जैसलमेर दुर्ग के प्रमुख ढाई साके

जैसलमेर में दो पूर्ण साके व एक अर्ध साका (केवल केसरिया हुआ जो जौहर नहीं) हुआ

प्रथम साका 1296-1316ई

जैसलमेर पर अलाउद्दीन खिलजी द्वारा आक्रमण करने पर रावल मूलराज, कुंवर रतनसी ने केसरिया किया और स्त्रियों द्वारा जोहर किया गया।

दूसरा साका 1351-1388ई

जैसलमेर पर फिरोजशाह तुगलक की आक्रमण करने पर राहवल दूदा तथा त्रिलोकसी ने केसरिया किया और वीरांगनाओं ने जौहर किया।

तीसरा साका (अर्ध साका)

जैसलमेर पर कंधार की शासन आमिर अली के द्वारा राव लूणकरण पर आक्रमण किया गया जिसमें केसरिया तो किया गया लेकिन स्त्रियों ने जौहर नहीं किया इसलिए इसे अर्ध साका कहा जाता है।

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