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जल क्या है ? गुण, महत्त्व, वितरण | जल का महत्व पर निबंध

जल क्या है ? जल के गुण, जल का वितरण, जल का महत्त्व, जल पर निबंध [What is water? properties, distribution, importance, essay on water in hindi]

जल एक रासायनिक पदार्थ है जल शब्द का उपयोग केवल इसकी तरल अवस्था के लिए ही किया जाता है जल की 3 अवस्था होती है  तरल,ठोस और वाष्प है. जल एक कार्बनिक यौगिक है जो  ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना है,यह ऑक्सीजन के 1 और हाइड्रोजन के 2 अणुओं से मिलकर बनता है इसलिए इसका वैज्ञानिक नाम H2O है

जल पृथ्वी की कुल सतह के 71% भाग को घेरे रहता है। वायुमण्डल में जल की तीन भौतिक अवस्थाएँ पाई जाती है अथवा यह निम्न तीन रूपों में मिलता है

1. गैस अवस्था— गैस अवस्था में जल वाष्प के रूप में होता है,

ii. ठोस अवस्था— बर्फ के रूप में ध्रुवों पर व ऊंची पहाड़ियों पर एवं

iii. द्रव अवस्था-जल के रूप में।

जल के गुण (Properties of Water)

जल में निम्न विशेषताएँ पाई जाती हैं

(i) घनत्व (Density) –जल का सर्वाधिक घनत्व 4°C पर होता है। इसके ऊपर व नीचे यह ता है, जो कि ठण्डी जलवायु में जल को द्रव अवस्था में रहने के लिये सहायक है। यदि बर्फ री घनत्व की होगी तो वह नीचे तली में बैठ जायेगी, स्थिति में यह कभी पिघलेगी नहीं क्योंकि जल सतह पर ही गर्म होता है। तली में पानी कभी भी जमता नहीं है अतः यहाँ अनेक जीव जन्तु पाये जाते हैं।

(ii) विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat) –ऊष्मा की वह मात्रा जो 1 ग्राम जल का तापमान 0°C से 1°C तक वृद्धि करने के लिये आवश्यक होती है, विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) कहलाती है। जल की विशिष्ट ऊष्मा दूसरे द्रवों की अपेक्षा अधिक होती है। यही कारण है कि समुद्र में अथवा झील के अलवणीय जल का तापमान लगभग स्थिर रहता है।

(iii) गुप्त ऊष्पा (Latent heat) – गुप्त ऊष्मा दो प्रकार का होता है

(a) संगलन गुप्त ऊष्मा (Latent heat of fusion)

(b) वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा ( Latent heat of evaporation )

(a) संगलन गुप्त ऊष्मा (Latent heat of fusion) ऊर्जा की वह मात्रा जो 1 ग्राम पदार्थ को गलनांक बिन्दु (melting point) पर ठोस से द्रव में बदलने में आवश्यक है, संगलन की गुप्त ऊष्मा (latent heat of fusion) कहलाती है। जल की संगलन गुप्त ऊष्मा 80 केलोरी होती है।

(b) वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा ताप (Latent heat of evaporation)-ऊर्जा की वह मात्रा जो 1 ग्राम पदार्थ को क्वथनांक (boiling point) पर द्रव से गैस में बदलने के लिए आवश्यक है, वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (lalent heat of evaporation) कहलाती है। वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा 536 केलोरी होती है। एक कैलोरी (C) ऊष्मा ऊर्जा की वह मात्रा है जो 1 ग्राम जल का तापमान 1°C बढ़ाने के लिये आवश्यक है। यह ग्राम केलोरी भी कहलाती है।

(iv) विलेयता (Solubility)-जल में अनेक प्रकार के खनिज पदार्थ घुलनशील होते हैं। इस तरह खनिज पदार्थ जल के माध्यम में गति करते हैं। खनिज पदार्थ, जल में आयन के रूप में उपस्थित होते हैं।

(v) पृष्ठ तनाव (Surface Tension)-जल के अणुओं में पृष्ठीय तनाव पाया जाता है। इसी कारण जल कम क्षेत्रफल घेरता है। यह अधिशोषण (adsorption) तथा केपिलरी क्रिया (capillary action) के कारण अनेक जीवों को अपनी सतह पर आवासित करता है।

(vi) आयनिकरण (Ionization)-आयनीकरण विद्युत घटनाओं के लिये उत्तरदायी होते हैं। जल, विद्युत प्रवाहित करने में सक्षम होता है।

(vii) तरंग, लहरे व वायु प्रवाह (Wave, Current and Wind)-जल व वायुमण्डल में लहरें व तरंगे अपघर्षक व अपरदन प्रभाव उत्पन्न करती हैं। जो कि पदार्थों, जीवों व समुदायों को गति प्रदान करती हैं। कभी-कभी तरंग व लहरें इतने तीव्र सकते हैं कि बाढ़ का कारण बन कर जानमाल को हानि पहुँचाते हैं।

(viii) उत्प्लावन (Buoyancy) –जल में विद्यमान में गुण के कारण, बड़ी मछलियाँ जैसे व्हेल (Whale) व प्लवक (planktons) इत्यादि पानी में तैरते रहते हैं।

(ix) प्रकाश की भेदन क्षमता (Penetration Power) – जल प्रकाश किरणें को अवशोषित करता है। साफ पानी में प्रकाश की भेदन क्षमता अधिक होती है जबकि गन्दे पानी में यह क्षमता कम हो जाती है।

जल का महत्त्व (Importance of Water)

जल जीवन के लिये अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है क्योंकि

  • अधिकांश खनिज जल में घुलनशील होते हैं,
  • पादप खनिज पदार्थों को मूंदा जल द्वारा अवशोषित करते हैं,
  • जल में घुलनशील पदार्थों से मृदा जल की सान्द्रता नियन्त्रित होती है, पादपों में खनिजों का अवशोषण सान्द्रता के अन्तर द्वारा ही सम्पन्न हो पाता है,
  • जल मृदा जल व भूमि के ताप नियन्त्रण में सहायक होता है,
  • जल सजीवों की आधारभूत आवश्यकता है,
  • जल जैव मण्डल में तत्वों के चक्रीकरण में सहायक है,
  • प्रकाशसंश्लेषण के समय जल अपघटित होकर कर आक्सीजन उपलब्ध करवाता है एवं
  • वायुमण्डल की आक्सीजन जल से ही प्राप्त होती है।

भूमि पर जल का वितरण

जल के प्रकार प्रतिशत
समुद्रीय जल (Ocean) 97.2%
बर्फ ice 2.15%
वायुमण्डल व स्थल का भूजल ground water 0.65%

 

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