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कंप्यूटर वायरस एवं बचाव | कंप्यूटर वायरस क्या है (What is Computer Virus in Hindi)

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कंप्यूटर वायरस क्या है what is computer virus

कम्प्यूटर वायरस एक सेल्फ – रिप्लिकेटिंग कम्प्यूटर प्रोग्राम हैं , जो दूसरे एक्सीक्यूटेबल कोड या डॉक्यूमेन्ट में इसकी कॉपी को इन्सर्ट करने से फैलता हैं । कोई प्रोग्राम , सीओएम या ईएक्सई फाइल एक्सीक्यूटेबल फाइल के उदाहरण हो सकते हैं । कम्प्यूटर वायरस एक तरीके से जैविक वायरस के समान व्यवहार करता हैं , जो जीवित सेल में स्वयं के इन्सर्ट होने पर फैलता हैं । यद्यपि वायरस इच्छापूर्वक क्षति पहुँचा सकते हैं , उदाहरण के लिए , खराब डेटा में कुछ वायरस हानिरहित होते है , जबकि कुछ वायरस काफी हानिकारक होते हैं।

वायरस एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम या कम्प्यूटर कोड का टुकड़ा होता है, जो आपके कप्यूटर में आपकी अनुमति के बिना प्रवेश कर जाता है और आपके सिस्टम को क्षति पहुंचाता है। जब भी आप कोई इन्फेक्टिड प्रोग्राम या ई मेल अटैचमैंट खोलते है, तो वायरस आपके कंप्यूटर में फैल जाता है। वायरस फाइलें डाउनलोड करने, वेबपेज खोलने और इंटरनेट के जरिये फाइलों के आदान – प्रदान से भी फैलता है।

कंप्यूटर वायरस का इतिहास history of computer virus

मैलवेयर (Malware) कंप्यूटर में होने वाला सबसे बड़ा वायरस है, यह वायरस पूरे कंप्यूटर को खराब कर देता है, वायरस कई तरह के होते हैं और कई तरह से कंप्यूटर को नष्ट करते हैं जिसमें से प्रमुख है मैलवेयर,  मैलवेयर वायरस के निम्न नाम है।

वर्ष वायरस का नाम
1949 सेल्फ रिप्रोड्युसिंग ऑटोमेटा
1959 कोर वारस
1971 क्रीपर
1981 एलक क्लोनेर
1986 ब्रेन
1988 द मोरिस वोर्म
1995 कांसेप्ट
1998 सी.आई.ऐच वायरस
1999 हैप्पी 99
2000 आई लव यू वायरस
2001 ऐना कौर्निकोवा
2002 एल.एफ.एम 926
2004 मायडूम
2006 ओ.एक्स.एस/लीप A
2007 स्टॉर्म वोर्म
2010 केंज़ेरो
2014 बेकऑफ

कम्प्यूटर वायरस के हानिकारक प्रभाव (Disadvantage of Computer Virus)

  • ये वायरस आपके कंप्यूटर से महत्त्वपूर्ण फाइलें डिलीट करके आपकी हार्ड डिस्क को नुकसान पहुंचा सकते है।
  • कुछ वायरस पूरे कंप्यूटर में फैलकर डिस्क स्पेस घेर लेते हैं और आपके कंप्यूटर की गति को धीमा कर देते है।
  • कंप्यूटर वायरस किसी भी प्रोग्राम को नष्ट कर सकता है।
  • प्रोग्राम में वायरस के प्रवेश को इंफेक्शन कहते हैं, और जो संक्रमित फाइल या एक्सीक्यूटेबल फाइल का हिस्सा नहीं होते वह होस्ट कहलाते हैं।
  • कंप्यूटर वायरस विंडो के बूट सिस्टम को खराब कर सकता है।
  • वायरस कम्प्यूटर के ओपरेटिंग और फाइल सिस्टम के विभिन्न भागों को संक्रमित कर सकता हैं।
  • वायरस आने पर कंप्यूटर बिजली की खपत अधिक करता है

कई प्रकार के खतरनाक सॉफ्टवेयर – में ही वायरस भी होता हैं। वायरस शब्द कई प्रकार के वर्म , ट्रोजन होर्सेस और कुछ अन्य प्रकार के सॉफ्टवेयर के रूप में होते है।

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इंटरनेट वायरस , वर्म और ट्रॉजन हॉर्स का घर है। ये इंटरनेट का प्रयोग करते समय आपके कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश कर जाते है और उसे अनेक प्रकार से हानि पंहुचाते हैं। इस आर्टिकल में हम इनसे बचने के उपायों पर चर्चा करेंगे, सबसे पहले जानते हैं कि आखिर ये वायरस, वर्म, ट्रॉजन हॉर्स क्या होतें है।

कंप्यूटर वायरस के प्रकार type of computer virus

वर्म (Worm) 

वर्म वह कंप्यूटर प्रोग्राम होता है, जो अपनी अनेक प्रतियां बनाकर आपके कंप्यूटर की सामान्य प्रतिक्रियाओं को बाधित करता है। वायरस के समान, वर्म स्वयं को अन्य फाइलों या प्रोग्रामों से नहीं जोड़ता, यह वायरस से भी अधिक तीव्र गति से फैलता है ओर कंप्यूटर खुलते ही सक्रिय हो जाता है। वर्म एक कंप्यूटर से जुड़े अन्य कंप्यूटरो में भी फैल जाता है और आपकी डाटा फाइलों को डिलीट कर देता है, प्राय : वर्म आपके कंप्यूटर की रैण्डम एक्सेस मेमोरी घेरकर कंप्यूटर की गति को धीमा कर देते है।

ट्रोजन हॉस

ट्रोजन हॉर्स एक खतरनाक प्रोग्राम होता हैं , जो किसी योग्य सॉफ्टवेयर के अंदर छिप जाता हैं या दब जाता हैं । स्पाइवेयर ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसको कम्प्यूटर के मालिक की अनुमती के बिना कम्प्यूटर को नियंत्रित करने के लिए डिजाइन किया गया हैं । आइडेनटिटी थेफ्ट ऐसा हानिकारक कार्य हैं , जिसे कोई व्यक्ति विचारपूर्वक भेष बदल कर प्रवेश कर सकता हैं । उदाहरण के लिए , किसी दूसरे के क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना । एडवेयर ऐसा सॉफ्टवेयर पैकेज है , जो कम्प्यूटर में प्रचार सामग्री को स्वत: प्ले , डिस्प्ले और डाउनलोड करता हैं ।

कंप्यूटर वायरस बचाव के उपाय (Computer Virus se bachane ke upay)

अपने कंप्यूटर सिस्टम और इसमें सुरक्षित फाइलों वर्म और ट्रॉजन हॉर्स से बचाने के लिए , निम्नलिखित सावधानियां बरतें :

  • उपयोगी एन्टी – वायरस प्रोग्राम को स्थापित करें । जब भी हम इंटरनेट से जुड़ते हैं , वायरस , वर्म और ट्रॉजन हॉर्स का खतरा बढ़ जाता है । जब तक हम एक अच्छा एन्टी वायरस प्रोग्राम प्रयोग नहीं करेंगे , तब तक यह खतरा बना रहेगा , इसलिए आवश्यक है कि आप अपने कंप्यूटर में एक अच्छा एन्टी – वायरस प्रोग्राम स्थापित करें । एन्टी – वायरस प्रोग्रामों के विषय में विस्तृत जानकारी आगे दी गई है । 
  • अपनी आवश्यकता के अनुसार कंप्यूटर में फायरवॉल स्थापित करें , फायरवॉल आपके कंप्यूटर से अन्य कंप्यूटरों में होने वाले डाटा का आदान – प्रदान नियंत्रित करता है । 
  • कोई भी फाइल या प्रोग्राम , जिसका प्रेषक संदेहात्मक हो , न खोलें । 
  • ई – मेल अटैचमेन्ट के फाइल एक्सटेंशन को ध्यान से देखें । यदि एक्सटेंशन exe , pif , bat , bas , cmd , com , cml , inf , js , ink , msi , scr , या vbs है , तो उस फाइल को वायरस – स्कैन किये बिना न खोलें । 
  • ई – मेल जो आपको एक बड़ा ईनाम मिलने की सूचना देते हैं और अधिक जानकारी के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने या ई – मेल अटैचमेन्ट खोलने के लिए कहते है , ऐसे ई – मेलों से बचकर रहें ।
  • पैच ट्यूजडे नामक सेवा का लाभ उठायें । इसके जरिये माइक्रोसॉफ्ट हर महीने के दूसरे मंगलवार को उन सभी प्रोग्रामों की सूची बनाता है , जो आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा सकते है । इसमें उन प्रोग्रामों से बचने के उपाय ( जिन्हें पैच कहते हैं ) भी प्रदान किये जाते हैं , इन पैचों का प्रयोग करे और अपने कंप्यूटर को वायरस से बचाएं ।

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एन्टी वायरस प्रोग्राम ( Anti Virus Programs ) 

आजकल बाजार में अनेक एन्टी – वायरस सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं , जिन्हें खरीद कर आप अपने कंप्यूटर में स्थापित कर सकते हैं । नॉटर्न एन्टी – वायरस एक प्रचलित सॉफ्टवेयर है । परन्तु बाजार में मिलने वाले एन्टी – वायरस सॉफ्टवेयर प्रायः महगें होते है , आप इंटरनेट से भी उपयोगी एन्टी – वायरस सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते है । यहां हम लोकप्रिय एन्टी – वायरस सॉफ्टवेयर पर चर्चा करेंगे , जिन्हें आप इंटरनेट से मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं ।

क्विक हील एन्टीवायरस ( Quick Heal Antivirus )

क्विक हील 30 अलग – अलग किस्म में वायरसों और ट्रॉजन हॉर्मो को स्कैन करने की क्षमता रखता है । एक बार ढुंढे जाने के बाद , आप तय कर सकते हैं कि आप दूषित फाइलों को डिलीट या उनको सुधारना चाहते हैं ।

अवस्थी फ्री ( Avasti Free )

अवस्थी फ्री एक जाना – माना बचाव उपकरण है । इसे प्रयोग करना बहुत ही सरल है । छोटा आकार होने के कारण यह सॉफ्टवेयर न तो अधिक स्थान घेरता है और न ही आपके कंप्यूटर की गति को धीमा करता है । इसकी वायरस खोजने की क्षमता ने इसे दुनिया भर में फैले हुए कंप्यूटर प्रयोगकर्ताओं में काफी लोकप्रिय बना दिया है ।

फायरवॉल ( Firewalls )

फायरवॉल आपके कंप्यूटर को अनेक अनाधिकृत हमलों से बचाता है । यह आपके कंप्यूटर और इंटरनेट के बीच होने वाले आदान – प्रदान पर निगरानी रखता है । इसके दो मुख्य उदेश्य होते हैं 

  • बाहरी साधनों द्वारा आपके कंप्यूटर तक अनाधिकृत रूप से पहुंचने से रोकना । 
  • आपके कंप्यूटर से डाटा या प्रोग्रामों को बाहरी साधनों तक आपकी अनुमति के बिना पहुंचाने से रोकना ।

वायरस आने पर क्या करें ? ( What to do if virus infects your machine ) 

मान लीजिए कि ये सभी सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने के बावजूद आपके कंप्यूटर में वायरस आ जाता है । ऐसी परिस्थिति में निम्नलिखित उपाय कीजिए 

  • यदि आपके कंप्यूटर में एन्टी – वायरस प्रोग्राम है , तो उसके जरिये पूरे सिस्टम को स्कैन कीजिए । 
  • यदि यह कोई नया वायरस है , तो अपने एन्टी – वायरस सॉफ्टवेयर को अपडेट करके सिस्टम को स्कैन कीजिए । 
  • यदि आपको अपने एन्टी – वायरस सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता पर संदेह है तो वेबसाइट के जरिये अपना कंप्यूटर स्कैन कीजिए । कई वेबसाइट की मदद से आप मुफ्त में कंप्यूटर स्कैन कर सकते है ।
  • यदि आपका वर्तमान एन्टी वायरस नये वायरसों को खोजने में असमर्थ है , तो उसे हटाकर कंप्यूटर में नया एन्टी वायरस स्थापित कीजिए । 
  • यदि वायरस आपके डाटा और सिस्टम को अधिक हानि पहुंचा चुका है , तो डाटा वापस पाने और कंप्यूटर ठीक कराने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कीजिए ।

 

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